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बारिश के कारण खेतों में भराया पानी
उज्जैन। बीती रात हुई बारिश के बाद उज्जैन के आसपास के गांव में खेतों में पानी भर जाने से सोयाबीन की फसल को भारी नुकसान की आशंका है। यदि धूप नहीं निकली तो किसानों को संकट का सामना करना पड़ सकता है।
कुछ खेतों में तो सोयाबीन की फसल की कटाई होने के बाद ढेरियां वहीं पर पड़ी हुई हैं। इसके अलावा कई खेतों में सोयाबीन पककर तैयार है और बारिश के कारण उसके दागी होने की आशंका है। उज्जैन जिले में सबसे ज्यादा सोयाबीन की फसल बोयी जा रही है। इस वर्ष भी ९७ प्रतिशत हैक्टेयर में सोयाबीन की फसल बोयी गयी है।
20 जून के आसपास सोयाबीन की जो बुआयी की गई वह पककर तैयार हो चुकी है। कई किसानों ने तो कटाई भी करवा ली थी और ढेरियां खेतों में रखी थी लेकिन सोयाबीन निकालने से पहले ही बारिश हो गयी। रामगढ़ के किसान नानूराम परमार का कहना है कि सोयाबीन की फसल पर अभी तक 21 हजार की लागत आयी थी। कल फसल कटवाकर ढेरियां खेत में रखी थी। रात में सोयाबीन निकालने के लिये मशीन बुलवायी थी लेकिन उसके आने में देर हो गयी और 3 बजे से बारिश के कारण सारी फसल गीली हो गयी है। यदि धूप निकली तो फसल सूख जायेगी नहीं तो 50 हजार का नुकसान होना तय है।
रलायताभोजा के किसान जगदीश ललावत के मुताबिक किसानों ने काफी मेहनत के बाद फसल का उत्पादन किया लेकिन खेतों में से सोयाबीन निकालने से पहले ही बारिश हो गयी है। जिससे कई खेतों में पानी भर गया है। ऐसे में अब कटाई भी नहीं की जा सकती है। अब किसान धूप निकलने की प्रार्थना कर रहे हैं।